Kargil Vijay Diwas 2026: द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जानें ऑपरेशन विजय, 527 वीर जवानों के बलिदान और देशभर में हुए कार्यक्रमों की पूरी जानकारी
Kargil Vijay Diwas 2026: कारगिल के रणबांकुरों को देश का नमन, द्रास से गूंजी वीरता की गाथा
नई दिल्ली: पूरा देश आज कारगिल विजय दिवस मना रहा है। 1999 के कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस, बलिदान और पराक्रम से दुश्मन को पीछे हटाने वाले भारतीय सैनिकों को राष्ट्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में आयोजित मुख्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और वीर शहीदों के परिजनों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
राष्ट्र ने उन 527 वीर जवानों को याद किया, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अमर अध्याय भी है।
Kargil Vijay Diwas 2026: द्रास में श्रद्धांजलि, शहीदों के सम्मान में राष्ट्र एकजुट
लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सेना के शीर्ष अधिकारियों ने भी वीर जवानों के बलिदान को नमन किया। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा सर्वोपरि है तथा पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुद्दे पर ही होगी।
ऑपरेशन विजय: जब भारतीय सेना ने लिखी जीत की नई इबारत
1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों ने कारगिल क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया। लगभग दो महीने तक चले इस कठिन अभियान में जवानों ने बर्फीली चोटियों, ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद असाधारण वीरता का परिचय दिया।
26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल की सभी महत्वपूर्ण चोटियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया और दुनिया को अपनी सैन्य क्षमता तथा दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।
Kargil Vijay Diwas 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर से खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी वीर जवानों के बलिदान को याद करते हुए सम्मान व्यक्त किया।
‘शौर्य संध्या’ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा देश
देश के कई हिस्सों में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘शौर्य संध्या’ जैसे आयोजनों में देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने लोगों को भावुक कर दिया। स्थानीय कलाकारों और Stringmo Sisters की प्रस्तुतियों ने राष्ट्रीय एकता, वीरता और बलिदान का संदेश दिया।
Kargil Vijay Diwas 2026: क्यों खास है कारगिल विजय दिवस?
कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का उत्सव नहीं है। यह उन वीर सैनिकों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दिन नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की प्रेरणा भी देता है।
निष्कर्ष
कारगिल की चोटियों पर लड़ी गई वह लड़ाई भारतीय इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक है। आज जब पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है, तब हर भारतीय उन अमर वीरों के प्रति कृतज्ञ है जिनकी वजह से तिरंगा आज भी गर्व से लहराता है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
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