Sridhar Vembu: AI अब सिर्फ चैट करने या सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रह गया है। आज Artificial Intelligence कोड लिख रहा है, ऐप बना रहा है, गणित की मुश्किल समस्याएं हल कर रहा है। और ऐसे काम कर रहा है जिनके लिए कुछ साल पहले तक इंसानों की जरूरत पड़ती थी।
इसी तेजी को देखते हुए Zoho के Co-founder और Chief Scientist Sridhar Vembu ने software industry को लेकर एक ऐसी बात कही है, जिसने टेक जगत में फिर से AI और नौकरियों की बहस तेज कर दी है।
6 सितंबर 2026 को Sridhar Vembu ने AI की बढ़ती क्षमता पर बात करते हुए कहा कि आने वाले समय में AI software code का बहुत बड़ा हिस्सा competently और correctly तैयार कर सकता है। उनके मुताबिक असली सवाल यह नहीं है कि AI सब कुछ करेगा या नहीं, बल्कि यह है कि जब AI ज्यादा काम करने लगेगा तो कितने इंसानों की जरूरत होगी।
उन्होंने software industry से जुड़े लोगों को साफ संदेश दिया कि सभी को यह सोचना होगा कि AI के दौर में वे खुद को relevant कैसे बनाए रखेंगे। यही बात इस पूरी चर्चा को खास बनाती है।
Sridhar Vembu का ताजा बयान क्यों चर्चा में है?
Sridhar Vembu ने यह टिप्पणी AI की mathematics और software development में बढ़ती क्षमता को लेकर की है।
उनका मानना है कि AI ऐसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है जिन्हें कभी इंसानी बुद्धिमत्ता का बेहद कठिन हिस्सा माना जाता था। Mathematics में AI की क्षमताओं को लेकर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसके बड़े हिस्से को AI संभाल सकता है।
लेकिन Vembu ने एक महत्वपूर्ण अंतर भी बताया। किसी तय framework या rules के भीतर समस्याओं को हल करना और बिल्कुल नया mathematical framework या विचार पैदा करना एक जैसी चीजें नहीं हैं। उनके अनुसार fundamentally नई चीज बनाना अब भी कहीं ज्यादा कठिन चुनौती है।
यही सोच उन्होंने software पर भी लागू की है।
अगर AI बड़ी मात्रा में code लिखने लगे और formal verification जैसे tools उस code की correctness जांचने में मदद करें, तो software development में इंसानी श्रम की जरूरत काफी बदल सकती है।
क्या AI Software Engineers की Jobs ले लेगा?
यह सवाल अब सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं रह गया है। AI coding assistants और autonomous coding agents पहले ही developers के workflow का हिस्सा बन चुके हैं। वे code generate कर सकते हैं, bugs खोज सकते हैं, documentation तैयार कर सकते हैं और कई बार पूरे छोटे applications बनाने में मदद कर सकते हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अगले दिन software engineers की जरूरत खत्म हो जाएगी।
असल बदलाव शायद काम करने के तरीके में आएगा।
पहले एक software project के लिए कई engineers को अलग-अलग हिस्सों में code लिखना पड़ता था। भविष्य में वही टीम AI की मदद से ज्यादा काम कर सकती है।
यानी संभव है कि:
कम लोग + ज्यादा AI = ज्यादा software output
यही वह बदलाव है जिसकी तरफ Vembu इशारा कर रहे हैं।
उन्होंने यह सवाल उठाया है कि AI ज्यादा technical work करने लगेगा तो आखिर कितने इंसानों की जरूरत रह जाएगी।
Sridhar Vembu Software Engineers के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है?
यहां एक बात समझना जरूरी है।
AI से सबसे ज्यादा खतरा शायद उन लोगों को नहीं है जो AI इस्तेमाल करना जानते हैं, बल्कि उन लोगों को हो सकता है जो AI के बावजूद पुराने तरीके से ही काम करते रहेंगे।
अगर कोई developer सिर्फ basic code लिखने तक सीमित है, तो AI उसके काम का बड़ा हिस्सा automate कर सकता है।
लेकिन अगर कोई engineer:
- problem solving जानता है
- system architecture समझता है
- security समझता है
- business requirements समझता है
- AI tools को effectively इस्तेमाल करता है
- generated code को verify कर सकता है
- complex systems design कर सकता है
तो उसकी value सिर्फ coding से कहीं ज्यादा हो जाती है।
इसलिए आने वाले समय में सवाल यह नहीं होगा कि “क्या आपको coding आती है?”
सवाल हो सकता है:
“क्या आप AI के साथ मिलकर बेहतर software बना सकते हैं?”
Sridhar Vembu कौन हैं?
Sridhar Vembu भारत के सबसे चर्चित technology entrepreneurs में से एक हैं।
उन्होंने 1996 में AdventNet की co-founding की, जो आगे चलकर Zoho Corporation बनी। Vembu ने लंबे समय तक कंपनी का नेतृत्व किया और 2025 में CEO की भूमिका से हटकर Chief Scientist की जिम्मेदारी संभाली, ताकि उनका ज्यादा ध्यान deep-tech research और AI पर रहे।
उनकी कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि उन्होंने भारत में एक global software company बनाने के लिए traditional Silicon Valley model की नकल नहीं की।
Zoho ने लंबे समय तक external venture capital पर निर्भर हुए बिना अपना business बनाया और छोटे शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में talent विकसित करने पर भी जोर दिया।
Sridhar Vembu की Education
Vembu ने IIT Madras से Electrical Engineering में B.Tech किया।
इसके बाद उन्होंने अमेरिका की Princeton University से Master’s और PhD पूरी की। PhD के बाद उन्होंने Qualcomm में Systems Design Engineer के तौर पर काम किया, जहां उनका काम wireless technology से जुड़ा था।
यानी उनकी यात्रा एक engineer और researcher के रूप में शुरू हुई और आगे चलकर उन्होंने भारत की सबसे सफल software product companies में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Sridhar Vembu की Zoho की कहानी भी क्यों खास है?

आज Zoho एक जाना-पहचाना global software brand है, लेकिन इसकी शुरुआत एक अलग सोच के साथ हुई थी।
1996 में AdventNet की शुरुआत हुई और बाद में यही कंपनी Zoho Corporation बनी।
Zoho ने CRM, finance, HR, productivity और दूसरे business software products का बड़ा ecosystem बनाया। Anant National University के प्रोफाइल के अनुसार कंपनी आज 55 से ज्यादा products पेश करती है और 150 से अधिक देशों में 130 million से ज्यादा users को serve करती है।
लेकिन Vembu की सबसे अलग सोच सिर्फ software business तक सीमित नहीं रही।
उन्होंने rural India में technology jobs और R&D centres बनाने पर भी जोर दिया।
Sridhar Vembu ने गांवों में R&D Center क्यों बनाए?
जब ज्यादातर technology कंपनियां Bengaluru, Hyderabad, Mumbai या अन्य बड़े शहरों में talent खोज रही थीं, तब Vembu ने छोटे शहरों और गांवों में technology teams बनाने की कोशिश की।
Zoho ने Tenkasi जैसे स्थानों पर offices और R&D centres बनाए। कंपनी का पहला rural office Tenkasi में 2011 में शुरू हुआ था और वहीं से Zoho Desk जैसे products पर काम किया गया।
Vembu की सोच थी कि talented engineers को दुनिया की बड़ी technology companies में काम करने के लिए जरूरी नहीं कि metro cities में ही रहना पड़े।
यही philosophy आज भी उनकी पहचान का बड़ा हिस्सा है।
AI आने के बाद IT Jobs का क्या होगा?
यह सवाल भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है।
भारत की IT industry लाखों लोगों को employment देती है। अगर AI coding, testing, documentation और support जैसे कामों को automate करता है, तो entry-level jobs पर दबाव आ सकता है।
Sridhar Vembu ने इससे पहले भी IT sector में job creation की रफ्तार को लेकर चिंता जताई थी। अगस्त 2026 में उन्होंने कहा था कि AI और data-centre infrastructure पर बढ़ता खर्च नई hiring को प्रभावित कर रहा है और industry ज्यादा नए रोजगार पैदा नहीं कर पा रही है।
इससे एक तस्वीर साफ होती है।
AI सिर्फ productivity बढ़ाने का मामला नहीं है। यह employment structure को भी बदल सकता है।
कौन-सी Software Jobs ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं?
यह कहना जल्दबाजी होगी कि कोई specific job पूरी तरह खत्म हो जाएगी। लेकिन repetitive और predictable tasks सबसे पहले automation के दबाव में आ सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर:
1. Basic Coding
Simple functions और repetitive code AI आसानी से generate कर सकता है।
2. Basic Testing
Automated tools पहले से ही कई तरह के testing tasks कर रहे हैं।
3. Documentation
Code documentation, summaries और technical explanations AI तेजी से तैयार कर सकता है।
4. Basic Data Processing
Repetitive data-related tasks भी automation के लिए आसान हैं।
5. Simple Website/App Development
AI tools अब basic applications और websites तैयार करने में काफी सक्षम हो चुके हैं।
लेकिन complex architecture, security, product decisions और high-stakes systems में human expertise अभी भी महत्वपूर्ण है।
आने वाले समय में कौन-सी Skills जरूरी होंगी?
AI के दौर में सिर्फ degree या certificate काफी नहीं होगा।
सबसे ज्यादा value उन लोगों की हो सकती है जो AI + Domain Expertise + Problem Solving का combination लेकर चलेंगे।
जरूरी skills
AI Literacy:
AI tools कैसे काम करते हैं और उनकी limitations क्या हैं, यह समझना जरूरी होगा।
Problem Solving:
AI को instruction देने से पहले सही problem पहचानना जरूरी है।
System Design:
बड़े software systems को architecture level पर समझना महत्वपूर्ण रहेगा।
Cybersecurity:
जितना software automated होगा, security की जरूरत उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
Communication:
Business requirement को technical solution में बदलना एक महत्वपूर्ण human skill रहेगी।
Critical Thinking:
AI ने जो answer दिया है, वह सही है या नहीं—यह जांचना जरूरी होगा।
क्या AI इंसानों से बेहतर हो सकता है?
Sridhar Vembu की ताजा टिप्पणी सिर्फ coding तक सीमित नहीं है।
उन्होंने mathematics के संदर्भ में भी AI की तेजी पर चर्चा की है। उनका मानना है कि कुछ महीनों के भीतर mathematics के कई हिस्सों में AI की क्षमता बेहद आगे बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जो चीज इंसानों को interesting या valuable लगती है, उसका फैसला करना AI के लिए वास्तविक limitation है या सिर्फ इंसानों की उम्मीद।
यह एक महत्वपूर्ण philosophical question है।
क्योंकि किसी समस्या को हल करना और यह तय करना कि कौन-सी समस्या हल करना महत्वपूर्ण है, दोनों अलग-अलग क्षमताएं हैं।
AI से डरना चाहिए या तैयार होना चाहिए?
शायद सबसे सही जवाब है, तैयार होना चाहिए।
Technology का इतिहास बताता है कि नई technology कई पुराने कामों को बदलती है, लेकिन साथ ही नए काम भी पैदा करती है।
AI भी संभवतः ऐसा ही करेगा।
लेकिन इस बार बदलाव की speed ज्यादा हो सकती है।
इसलिए students, developers और technology professionals को AI को सिर्फ competitor की तरह देखने के बजाय एक powerful tool की तरह समझना चाहिए।
जो व्यक्ति AI को इस्तेमाल करना सीख लेगा, वह शायद उस व्यक्ति से ज्यादा productive होगा जो AI को नजरअंदाज करता रहेगा।
Students के लिए Sridhar Vembu की बात का मतलब
अगर आप आज engineering या computer science पढ़ रहे हैं तो सिर्फ syntax याद करना पर्याप्त नहीं होगा।
आपको यह समझना चाहिए कि software वास्तव में कैसे काम करता है।
Programming language बदल सकती है।
Framework बदल सकता है।
AI coding tools बदल सकते हैं।
लेकिन logical thinking, mathematics, system thinking और problem solving जैसी skills लंबे समय तक महत्वपूर्ण रहेंगी।
इसलिए students को AI से code लिखवाने के साथ-साथ यह भी सीखना चाहिए कि वह code क्यों काम करता है।
आखिर Sridhar Vembu की चेतावनी का असली मतलब क्या है?
Sridhar Vembu की बात को सिर्फ “AI jobs खा जाएगा” वाली headline में सीमित करना सही नहीं होगा।
उनका असली सवाल इससे ज्यादा गहरा है।
अगर AI software बनाने के काम का बड़ा हिस्सा कर सकता है, तो इंसान की भूमिका क्या होगी?
क्या हम सिर्फ code लिखेंगे?
या problems चुनेंगे?
Products design करेंगे?
Business decisions लेंगे?
AI systems को supervise करेंगे?
नई technologies invent करेंगे?
शायद आने वाला समय इन्हीं सवालों के जवाब तय करेगा।
एक बात जरूर स्पष्ट है, software industry बदल रही है और बदलाव की रफ्तार पहले से कहीं ज्यादा तेज है।
आज का junior developer जिस तरह काम करता है, जरूरी नहीं कि पांच साल बाद भी उसका workflow वैसा ही हो।
इसलिए Vembu का संदेश software professionals के लिए एक चेतावनी से ज्यादा एक wake-up call है।
निष्कर्ष
AI के आने से software industry खत्म नहीं होने वाली, लेकिन software development का तरीका जरूर बदलने वाला है।
Sridhar Vembu की ताजा टिप्पणी इसी बदलाव की ओर इशारा करती है। AI आने वाले समय में software code का बहुत बड़ा हिस्सा लिख सकता है। इससे productivity बढ़ेगी, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठेगा कि उस productivity को हासिल करने के लिए कितने इंसानों की जरूरत होगी।
इसलिए आज के software professionals के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम शायद AI से लड़ना नहीं, बल्कि AI के साथ अपनी relevance बढ़ाना है।
क्योंकि आने वाली दुनिया में शायद सबसे valuable developer वह नहीं होगा जो सबसे तेज code लिखता है।
बल्कि वह होगा जो यह जानता है कि क्या बनाना है, क्यों बनाना है और AI को सही दिशा में कैसे इस्तेमाल करना है।
Sridhar Vembu FAQs
1. Sridhar Vembu कौन हैं?
Sridhar Vembu Zoho Corporation के co-founder और Chief Scientist हैं। उन्होंने 1996 में AdventNet की co-founding की थी, जो आगे चलकर Zoho Corporation बनी।
2. Sridhar Vembu ने पढ़ाई कहां से की?
उन्होंने IIT Madras से Electrical Engineering की पढ़ाई की और Princeton University से Master’s तथा PhD की।
3. Sridhar Vembu का AI को लेकर नया बयान क्या है?
उनका कहना है कि AI भविष्य में software code का बहुत बड़ा हिस्सा competent और correct तरीके से generate कर सकता है और software professionals को अपनी relevance बनाए रखने के बारे में सोचना होगा।
4. क्या Sridhar Vembu के मुताबिक AI Software Engineers की सारी Jobs खत्म कर देगा?
उन्होंने यह नहीं कहा कि सभी jobs खत्म हो जाएंगी। उनका मुख्य सवाल यह है कि AI ज्यादा technical work करने लगेगा तो कितने इंसानों की जरूरत होगी।
5. Sridhar Vembu ने Zoho कब शुरू किया?
1996 में AdventNet की शुरुआत हुई थी, जो बाद में Zoho Corporation बनी।
6. Sridhar Vembu अब Zoho में क्या करते हैं?
2025 में उन्होंने CEO की भूमिका छोड़कर Chief Scientist की भूमिका संभाली और deep-tech तथा AI research पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
7. क्या AI से भारत की IT Jobs प्रभावित होंगी?
AI repetitive coding, testing और दूसरे technical tasks को automate कर सकता है। इससे कुछ entry-level और repetitive roles पर दबाव पड़ने की संभावना है, हालांकि नई भूमिकाएं भी पैदा हो सकती हैं।
8. Software Engineers को AI के दौर में क्या सीखना चाहिए?
AI tools, system design, cybersecurity, problem solving, critical thinking और domain expertise जैसी skills पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।
9. क्या Sridhar Vembu ने ग्रामीण भारत में काम किया है?
हां। वह rural India में technology और R&D opportunities विकसित करने के समर्थक रहे हैं। Zoho ने Tenkasi समेत छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में R&D centres स्थापित किए हैं।
10. Sridhar Vembu की AI वाली बात क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि वे भारत की बड़ी software product companies में से एक Zoho के co-founder हैं और लंबे समय से technology तथा AI के विकास पर विचार रखते आए हैं। उनकी टिप्पणी software jobs के भविष्य को लेकर चल रही बहस को महत्वपूर्ण दिशा देती है।
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