Korean Kanakaraju Review: वरुण तेज की नई फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म का निर्देशन मेरलापाका गांधी ने किया है, जबकि वरुण तेज के साथ रितिका नायक, सत्य, सुनील, मुरलीधर गौड़, तुलसी और वीटीवी गणेश जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके अनोखे इंडो-कोरियन कॉन्सेप्ट और कॉमेडी को लेकर थी। ऐसे में सवाल यही है कि क्या ‘कोरियन कनकराजू’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है?
Korean Kanakaraju Story: क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी अनंतपुर जिले के पेनुकोंडा में रहने वाले कनकराजू के इर्द-गिर्द घूमती है। वरुण तेज ने इस किरदार को निभाया है। कनकराजू लकड़ी की भजन प्रस्तुतियां देकर अपने परिवार की मदद करता है। उसकी जिंदगी में दोस्त किश्टप्पा यानी सत्य और स्थानीय गैंग से जुड़े कई उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं।
कनकराजू की मुलाकात चैत्र से होती है और उसे उससे प्यार हो जाता है। चैत्र का किरदार रितिका नायक ने निभाया है। कहानी उस समय पूरी तरह बदल जाती है, जब कोरिया से आई एक चीज के जरिए कनकराजू के शरीर में एक आत्मा प्रवेश कर जाती है।
इसके बाद कनकराजू का व्यवहार और उसकी हरकतें अचानक बदलने लगती हैं। आत्मा की अपनी कुछ इच्छाएं हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कनकराजू को अपने दोस्त के साथ कोरिया तक जाना पड़ता है। आखिर यह आत्मा किसकी है? उसका कनकराजू से क्या संबंध है? और क्या कनकराजू इस आत्मा से छुटकारा पा पाता है? इन सवालों के जवाब फिल्म देखने पर ही मिलते हैं।
कैसी है Korean Kanakaraju?
‘कोरियन कनकराजू’ को देखकर यह साफ हो जाता है कि फिल्म का मुख्य उद्देश्य दर्शकों को गंभीर कहानी सुनाने के बजाय हंसाना और मनोरंजन करना है। निर्देशक मेरलापाका गांधी ने हॉरर, कॉमेडी, एक्शन और गैंगस्टर एंगल को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है।
फिल्म की शुरुआत थोड़ी सामान्य लगती है। शुरुआती गाने और एक्शन सीन के बाद कहानी में उस समय तेजी आती है, जब कनकराजू की जिंदगी में चैत्र की एंट्री होती है। इसके बाद कॉमेडी का सिलसिला शुरू हो जाता है।
Korean Kanakaraju Review: खासकर कनकराजू और किश्टप्पा के बीच की दोस्ती फिल्म को काफी मजेदार बनाती है। बार वाला सीक्वेंस और कोरियन युवक के साथ दोनों की मस्ती दर्शकों को हंसाने में सफल रहती है।
जब कनकराजू के शरीर में आत्मा प्रवेश करती है, तब फिल्म का कॉमेडी ट्रैक और मजबूत हो जाता है। आत्मा के असर में वरुण तेज की बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन फिल्म के मजेदार हिस्सों में शामिल हैं।
सेकंड हाफ में भी बनी रहती है Korean Kanakaraju Review की कॉमेडी
फिल्म का दूसरा भाग भी कॉमेडी पर काफी निर्भर करता है। वीडियो कॉल के जरिए होने वाली क्षुद्र पूजा वाला एपिसोड फिल्म के प्रमुख हास्य दृश्यों में गिना जा सकता है।
सत्य और मुरलीधर गौड़ जब भी स्क्रीन पर साथ आते हैं, वहां कॉमेडी का स्तर ऊपर जाता है। दोनों के बीच की टाइमिंग और संवाद फिल्म के सबसे मनोरंजक हिस्सों में शामिल हैं।
हालांकि फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी और लॉजिक है। आत्मा और उसके इर्द-गिर्द होने वाली घटनाओं में कई ऐसे मोड़ हैं, जिन्हें तर्क की कसौटी पर समझना मुश्किल है। लेकिन फिल्म लगातार कॉमेडी के जरिए दर्शकों का ध्यान दूसरी तरफ ले जाने की कोशिश करती है।
क्लाइमेक्स में आत्माओं के बीच होने वाले मुकाबले उतने प्रभावशाली नहीं लगते और फिल्म का अंतिम हिस्सा कुछ जगहों पर जबरदस्ती खींचा हुआ महसूस होता है।
Korean Kanakaraju Review: Varun Tej ने कैसी एक्टिंग की?
वरुण तेज के लिए यह फिल्म एक अलग तरह का किरदार लेकर आती है। कनकराजू के दो अलग-अलग अंदाजों को उन्होंने अच्छे तरीके से निभाया है। उनका लुक भी पिछली फिल्मों से अलग दिखाई देता है।
Korean Kanakaraju Review: सबसे खास बात उनकी कॉमेडी टाइमिंग है। सत्य के साथ उनकी जोड़ी फिल्म में अच्छी तरह काम करती है। कई दृश्यों में वरुण तेज के एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज हंसी पैदा करते हैं।
सत्य को फिल्म का दूसरा हीरो कहा जाए तो गलत नहीं होगा। उनके पंच और संवाद कई जगह खूब असर करते हैं। अलग-अलग लोकप्रिय कलाकारों की नकल करते हुए उनके संवाद भी दर्शकों को पसंद आ सकते हैं।
मुरलीधर गौड़ के साथ सत्य की कॉमेडी फिल्म का मजबूत पक्ष है। वहीं सुनील ने चेन्गारेड्डी के किरदार में निगेटिव शेड दिखाया है।
रितिका नायक भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं और कहानी के रोमांटिक हिस्से को संभालती हैं।
Korean Kanakaraju Review: म्यूजिक और तकनीकी पक्ष
तकनीकी स्तर पर फिल्म अच्छी दिखाई देती है। एस.एस. थमन का बैकग्राउंड म्यूजिक कई एक्शन और कॉमेडी दृश्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है। मनोज रेड्डी की सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के इंडियन और कोरियन लोकेशन वाले हिस्सों को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है।
निर्माण स्तर पर भी फिल्म में किसी बड़ी कमी का एहसास नहीं होता। निर्देशक ने कहानी से ज्यादा कॉमेडी सिचुएशन और संवादों पर ध्यान दिया है।
Korean Kanakaraju Review की खूबियां

- वरुण तेज की अलग तरह की भूमिका
- वरुण तेज और सत्य की शानदार कॉमेडी टाइमिंग
- सत्य और मुरलीधर गौड़ के मजेदार सीन
- इंडो-कोरियन बैकग्राउंड
- हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण
- थमन का प्रभावी बैकग्राउंड म्यूजिक
- कई मजेदार संवाद और सिचुएशन
Korean Kanakaraju की कमियां
- कहानी में कई जगह लॉजिक की कमी
- क्लाइमेक्स कमजोर महसूस होता है
- कुछ सीन जबरदस्ती खींचे हुए लगते हैं
- हॉरर से ज्यादा कॉमेडी पर निर्भर फिल्म
Korean Kanakaraju Review: अंतिम फैसला
अगर आप फिल्म में मजबूत और गंभीर कहानी, जबरदस्त हॉरर या पूरी तरह लॉजिकल घटनाओं की तलाश कर रहे हैं, तो ‘Korean Kanakaraju Review’ आपको निराश कर सकती है। लेकिन अगर आपका मकसद दोस्तों या परिवार के साथ थिएटर में बैठकर हल्की-फुल्की कॉमेडी और मनोरंजन का आनंद लेना है, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है।
वरुण तेज का नया अंदाज, सत्य की कॉमेडी और इंडो-कोरियन कॉन्सेप्ट फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। कहानी में कमियां जरूर हैं, लेकिन निर्देशक ने हंसी वाले दृश्यों से उनकी भरपाई करने की कोशिश की है।
कुल मिलाकर: ‘कोरियन कनकराजू’ लॉजिक से ज्यादा कॉमेडी और मनोरंजन पर भरोसा करती है और कई जगह दर्शकों को हंसाने में सफल रहती है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐/5
नोट: यह समीक्षा उपलब्ध जानकारी और फिल्म के रिव्यू के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम राय दर्शक के व्यक्तिगत अनुभव पर निर्भर कर सकती है।
ये भी पढे
‘गजनी’ के खौफनाक विलेन Pradeep Rawat का निधन: आमिर खान का एक फोन जिसने बदल दी थी उनकी किस्मत
RIP Pradeep Rawat: ‘गजनी’ के यादगार विलेन का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
Bastian Bandra: शिल्पा शेट्टी का मशहूर रेस्टोरेंट बंद, जानें क्या है वजह और आगे क्या?
Taylor Swift और Travis Kelce ने की सगाई की घोषणा











